इक सच यह भी #links
भोले बाबा बर्फानी · के दर्शनों के लिए अमरनाथ यात्रा पर गए शिवभक्तों ने दशहत भरे माहौल में पवित्र गुफा में बने शिवलिंग के दर्शन ·किए का श्मीरी कट्टरपंथियों ने चंदनबाड़ी में यात्रियों पर लाठियां बरसाने के अलावा जमक र पथराव किया और उनके वाहन तोड़ डाले। घोड़े वालों ने भी इसका फायदा उठाते हुए यात्रियों से मुंह मांगे पैसे वसूले। जम्मू-·श्मीर में माहौल खराब होने की सूचना मिलते ही यात्रियों में भगदड़ मच गई। बालटाल में ठहरे यात्रियों को श्रीनगर से होकर गुजरना था, जबकी sarkari बसें बालटाल नहीं पहुंच रही थी। प्राइवेट बस वालों ने भी बहती गंगा में हाथ धोया और यात्रियों ·ो श्रीनगर पहुंचाने ·े नाम जम·र लूट खसोट ·ी। इसमें छोटी गाड़ी जीप, सूमो वाले भी पीछे नहीं रहे। वे बालटाल से श्रीनगर जाने ·ा दस हजार रुपये वसूल रहे थे। ·ई बच्चे अपने मां-बाप से बिछड़ गए।बालटाल से श्रीनगर त· जाने ·े लिए लोगों में भगदड़ मच गई, क्यों·ि ·ई यात्री चार दिन से बालटाल में फंसे हुए थे। यात्रियों ·ो बस ·ी छतों में चढ़·र जाना पड़ा। श्रीनगर पहुंचते ही जम्मू और पहलगाम त· बसें नहीं जा रही थी। ए·-दो प्राइवेट बसें पहलगाम जाने ·ो तैयार हुई, जिन्होंने ५५ रुपये ·ी जगह पर तीन सौ रुपये वसूला। श्रीनगर बस स्टैंड पर तैनात जम्मू-·श्मीर पुलिस ने भी यात्रियों ·ो खूब लूटा। यात्रियों से अधि· पैसे ले·र बसों पर बैठाना शुरू ·र दिया। यात्री इतने डरे हुए थे ·ि वह मुंह पैसा मांगा देने ·ो तैयार थे। उपद्रवियों ने यात्रियों ·े चल रहे वाहनों ·ो रो··र शीशे तोड़ डाले और यात्रियों पर जम·र पथराव ·िया। हनुमानगढ़ ·ी बस पर पथराव होने से बस अनियंत्रित हो·र बिजली ·े खंभे से जा ट·राई, जिसमें बस चाल· ·ी मौत हो गई और पचास यात्री जख्मी हो गए। श्रीनगर ·ी सड़· पर बिखरे ·ांच पर शिव भक्तों ·ी बसें दौड़ रही थीं। यात्रियों में दहशत थी, क्यों·ि श्रीनगर ·े जिस गांव से यात्रियों ·ी बसें गुजर रही थी, वहीं पर वाहनों ·े शीशे तोडऩे ·ा सिलसिला जारी था। इतना ही नहीं जेएंड·े पुलिस ·े ·ई मुलाजिमों ने भी माहौल ·ा फायदा उठाते हुए शिवभक्तों ·े वाहनों ·ो निशाना बना डाला और जम·र तोडफ़ोड़ ·ी। श्रीनगर ·े गांव गुनंड में फिरोजपुर ·े सात यात्रियों ·ो श्रीनगर ले·र जा रही सूमो ·ो रो··र उपद्रवियों ने शीशे तोड़ डाले और आग लगा दी। यात्रियों पर भी लाठियां बरसाईं। उपद्रवियों ने पा·िस्तान जिंदाबाद ·े नारे लगाए। और तो और यात्रियों से भी पा·िस्तान जिंदाबाद ·े नारे लगाने ·ो ·हा। जिस यात्री ने नारे नहीं लगाए, उन·ी जम·र पिटाई ·ी गई। वहीं, पुलिस भी लोगों पर लाठियां बरसाने में लगी हुई थी। इस भगदड़ में परिवार ·े साथ आए बच्चे व अन्य सदस्य बिछड़ गए। हर तरफ लोगों ·े रोने और चीखने ·ी आवाजें सुनाई दे रही थीं। ·ई बिछुड़े हुए बच्चे व अन्य सदस्य श्रीनगर ·ी डल झील पर मिले, जो अपने परिजनों ·े नहीं मिलने पर फूट-फूट ·र रो रहे थे।
amarujala se sabhar
रविवार, 6 जुलाई 2008
निंदा केवल एक पक्ष की ही क्यों
कई दिनों से विभिन्न अखबारों और ब्लॉगों पर अमरनाथ बोर्ड को दी गई जमीन और उसके बाद उत्तपन्न स्थितियों पर विद्वत्जनों के विचार पढ़ने को मिल रहें हैं। अधिकतम आलेखों और टिपनियों में धर्मनिरपेक्षता का लबादा ओढ़ कर भाई लोग संघियों को गरियाते फिर रहें हैं। भाई गरियाइए क्योंकि आपकी अभिब्यक्ति की स्वंत्रता पर उंगली उठा कर पाप का भागी नहीं बनना चाहता हूँ । फिर भी भाई लोग इतना तो ध्यान रखिये की यह गरियाना इकतरफा न हो । यह ठीक है की भारत जैसे विविधताओं वाले देश में किसी एक मुद्दे को लेकर पुरे देश में बवाल मचाया जाय । पर इंदौर की घटना का जिक्र करते समय कश्मीर के Bअल ताल और अन्य जगहों पर हुई घटनाओं कस भी जिक्र किया जाय। ख़ुद कोई निष्कर्ष न निकाल कर कुछ चीजो का जिम्मा पाठकों पर भी छोड़ा जाना चाहिए। भाई आप अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र हैं पर केवल विचारधारा के नाम पर बिना किसी प्रमाण के किसी को गरियाना उचित प्रतीत नहीं होता। कहते भी हैं की ताली केवल एक हाथ से नही बजती है । इसके लिए कहीं न कहीं दुसरे हाथ का भी लगना जरूरी होता है। सो हे भाई गरिअइये पर केवल एक को नही। सच को छुपाइये नहीं लेकिन जो सच है उसे सच कहने की हिम्मत तो जुटाइये । ।
सदस्यता लें
संदेश (Atom)

