गुरुवार, 7 अप्रैल 2011
अन्ना का अनशन
आखिर तीन दिन बाद " माता " जी को दुख पहुँच ही गया । जी हाँ बात अन्ना हजारे की भ्रष्टाचार को लेकर लड़ाई और उनके अनशन की कर रहा हूँ । पहले चंपुओं ने कहा अन्ना यह काम किसी के बहकावे में आकर कर रहें हैं । फिर कहा अन्ना अपना अनशन तोड़ लें हम तो मानसून सत्र में लोकपाल बिल ला ही रहें हैं। पर जब ७२ साल क बूढा शेर अपनी बात पर डाटा रहा तो मन मनौवल का दौर चलने लगा । एक काबिल मंत्री ने अन्ना के सहयोगियों से बात की । पहले वह चाहते थे कि तुरंत समिति कि घोषणा कर दी जाय पर अन्ना और उनके समर्थकों के जोरदार विरोध के बाद मंत्री जी को कदम वापस खीचने पड़े । जब यह लगा कि अन्ना और उनके लोग जन लोकपाल से कम पर नहीं मानेंगे तब तो मलहम लगाने का काम शुरू हो गया ओउर इसी कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष ने बयां जरी कर कहा कि अन्ना के अनशन से मुझे दुख पहुंचा है ।
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