सोमवार, 27 अप्रैल 2009
जूता ही क्यों
चुनावों की गहमागहमी के बीच एक जुते ने जर्नलिजम को जर्नैलिजम में बदल दिया । अखबारों से लेकर चैनलों तक सब जुतेबाजी की होड़ में एक दुसरे को मात देने की तैयारी में जुट गए हैं। चिदंबरम के बाद अडवानी कभी कोई और फ़िर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर भी जूता चला । अखबारों और चैनलों ने यह कहते हुए कि pरजा तंत्र में जुते कीकोई जगह नही होती फ़िर भी दिन भर जुते और जुतेबाजी की तारीफ करते दिखे । अब सवाल उठता है कि लोग अब बातों की जगह जुतेबाजी पर क्यों उतर आयें हैं । क्या लोगो का विस्वास अब राजनेताओं पर नहीं रहा । क्या लोगों को लगने लगा है की राज नेता अब उन्हें केवल बेवकूफ बना रहे हैं । पहले और दूसरे चरण के में मतदान के दौरान मतदाताओं ने इसका अपने तरीके से जवाब दे दिया है। बार बार चुनाव आयोग और कई सामाजिक संगठनोंकी अपील के बावजूद कई प्रदेशों में बहुत ही कम तादाद में मतदाता घरों से बहार निकले । आखिर मत के जरिये शासन करने का अपना हक जनता क्यों छोड़ रही है । यह ठीक है की लोगों की नजरों में राज नेता उतने विश्वशनीय नहीं रह गए हैं पर क्या लोग भी अपने कर्तब्य के प्रति जागरूक हैं । लोग अपना संसद चुन लेते हैं और फ़िर नेताओं की तरह ही अपना काम भूल जाते हैं ।पूरे पाँच साल तक वह किसी भी माध्यम से अपने संसद के कामकाज का हिसाब नहीं लेते हैं और फ़िर चुनाव आते ही वे उनकी कमियां गिनानेलगते हैं । ऐसे में दोषी कौन है इसका फ़ैसला जनता और नेता दोनों को मिल कर करना होगा ।
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हम सब एक विशाल लोकतांत्रिक देश के वासी हैं। ऐसे में हमारा फर्ज बनता है कि हम सब अपने-अपने मत का प्रयोग करें। क्या आप प्रथम दो चरणों में हुए मतदान में मतदाता रहे थे? यदि हाँ तो क्या आपने वोट दिया? यदि आपने मतदान किया तो बहुत ही अच्छी बात है और यदि नहीं किया था तो कम से कम आने वाले चरणों में लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करके इस गलती को सुधारने का प्रयास करें।
जवाब देंहटाएंयदि आप आने वाले चरणों में मतदाता हैं तो हर हालत में मतदान करें। यह हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अनिवार्य है। इससे देश को विकास की राह मिलेगी। मतदान अवश्य करिए और फिर देखिए कि जिस अव्यवस्था को आप कोसते हैं वह आपको सुधरती दिखेगी।
मतदान स्वयं करें तथा अन्य लोगों को भी प्रेरित करें।
धन्यवाद
जागो वोटर जागो
रायटोक्रेट कुमारेन्द्र
padhni nimann lagal. ek saal me ekgo lekh likhi ta humhan ke bhaudhik khurak kaise bhetai ?
जवाब देंहटाएंND DEHATI