गुरमेहर कौर कौन है मैं नहीं जानता। उसका खुद का दावा है कि वह कारगिल शहीद की बेटी है। एक ओर खुद को शहीद की बेटी बताती है और दूसरी ओर कहती है मेरे पिता को पाकिस्तान ने नहीं युद्ध ने मारा। अब उसकी इस मासूमियत पर राहुल गांधी से लेकर कई लोग रिझने लगे हैं। फिर एक सुर में अभिब्यक्ति की आजादी वाले रेंकने लगे हैं।
यह लड़की कहती है मैं नहीं डरती। ठीक है डरना भी नहीं चाहिए। गब्बर चाचा ने भी कहा था जो डर गया समझो मर गया । पर जरा अपने गिरेबान में भी झांकिए। आपकों आपके पिता के शहादत की कीमत नहीं मालूम तो ठीक पर हम जैसे आम भारतीय के लिए वे सदा आदर के पात्र रहेंगे। मेहर तुम उस खालिद के समर्थन में झंडा बुलंद कर रही हो जो सरेआम कहता है भारत तेरे टुकड़े होंगे। उसके कार्यक्रम के लिए पुलिस से भिड़ती हो और जब पुलिस अपना काम करती है तो तुम और तुम्हारे साथी मशाल लेकर पुलिस पर कार्रवाई का नारा बुलंद करते हो। तुम शोसल मीडिया पर किसी को कोसो तो कोई बात नहीं पर जब कोई तुम्हे जवाब दे तो वह सांप्रदायिक हो जाता है। राजनीति का इतना ही शौक है तो छोड़ो पढ़ाई लिखाई और कूद पड़ों राजनीति में । बहुत सारे दल और लोग तुम्हें हाथों हाथ लेने को तैयार हैं। पर ज्यादा नहीं बस एक साल पीछे मुड़कर देख लेना कन्हैया कुमार अब कहां हैं किसी को नही पता। उसका जितना प्रयोग जिसको करना था उसने कर लिया। तुम भी सोच लेना कहीं तुम्हारा भी हश्र वैसा ही न हो । यह एक सुझाव है धमकी नहीं । ऐसा इसलिए लिखना पड़ कि पता नही तुम इस सुझाव को बताने लगो कि देखिए एक और धमकी मिल रही है कारगिल शहीद की बेटी को ।
कारगिल शहीद की शहादत को कितना भुनाओगी तुम देशद्रोहिओं के लिए। वैसे मैं राष्ट्रभक्ति या देशद्रोह का प्रमाणपत्र बांटने नहीं बैठा हूं पर यह जरूर कह सकता हूं कि उमर खालिद कभी देश का सगा नहीं हो सकता । गांव का रहने वाला हूं यह भी जानता हूं कि कई ऐसे पौधे होते हैं जिनको खेत से तो हर चीज चाहिए पर वो नुकसान खेत का ही करते हैं। इसिलए इन अमरबेलों को बढ़ने से पहले ही कतर देना जरूरी है वरना ये पूरे पेड़ को सुखा देंगे।
अंतत: किसी से डरो मत तो किसी को डराओ भी मत। अगर तुमको बोलने की आजादी चाहिए तो दूसरे को भी बोलने की उतनी ही आजादी दो। अपनी विचारधारा का प्रयोग दूसरों का दिल जीतने के लिए करों दूसरों का कोसने के लिए नहीं । सहवाग की ट्विटर पर टिप्पणी तुम्हारे हर सवाल का सटीक जवाब है पर अगर तुम ना समझो तो अनाड़ी हो।


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