रविवार, 25 अक्टूबर 2020

चिराग की लौःः ताकत कहां से

 आज लोजपा प्रमुख चिराग पासवान बिहार चुनाव को लेकर 2 अहम बयान दिए हैं । पहला यह कि जहां लोजपा के उम्मीदवार नहीं है वहां उनके समर्थक भाजपा को वोट दें । दूसरा कि अगर उनकी सरकार बनी तो लोजपा नीतीश कुमार को जेल भेजेगी। उन्होंने खुलेआम आरोप लगाया कि नीतीश राज में बिहार में विकास नहीं भ्रष्टाचार हुआ है । अगर हम सरकार में आए तो इसकी जांच कराएंगे और नीतीश को जेल भेजेंगे । आखिर यह चिराग किसकी लौ से इतना फफक रहा है , उसके अंदर की कहानी क्या है आइए जानते हैं बाबा की जुबानी 

 यह तथ्य सही है कि बिहार में सभी मुद्दों पर इस समय एंटी इनकंबेंसी लहर पूरी भारी पड़ रही है । कोरोना काल के दौरान राज्य सरकार द्वारा बिहार के श्रमिकों को वापस बुलाने में की गई कोताही और इस दौरान आम लोगों को हुई असुविधा के कारण राज्य सरकार से लोगों की नाराजगी कुल मिलाकर लगभग हर जगह दिख रही है। यह बात अलग है कि यह नाराजगी एनडीए गठबंधन के विरोध में  मतदान केंद्रों पर निकलेगी या फिर केंद्र की मोदी सरकार द्वारा को रोना काल में दिए गए सहायता के कारण रुक जाएगी यह कहा नहीं जा सकता। चिराग और उनके सलाहकार इसी थ्योरी पर चुनाव प्रचार में जुटे हैं। उनके सलाहकारों का मानना है की राज्य सरकार ने कोरोन काल के दौरान लोगों के साथ सहानुभूति नहीं बरती और इसी नाराजगी को भुनाने के लिए चिराग प्रदेशभर का तूफानी दौरा कर रहे हैं । सड़क मार्ग से दौरा के बाद अब चिराग के लिए हेलीकॉप्टर की भी व्यवस्था कर ली गई है ताकि वह अधिक से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में अपनी बात लोगों के समक्ष रख सकते हैं।

 केवल चिराग ही नहीं राजद के नेतृत्व वाला महागठबंधन भी इस चुनाव में विकास को ही मुख्य मुद्दा बनाए रखना चाहता है ।हर जगह वह नीतीश सरकार को इसी मुद्दे पर घेरने की फिराक में है राजद और उसके सहयोगी दल स्थानीय स्तर पर मोदी के विरुद्ध कुछ ना बोल कर केवल नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध मोर्चा खोलने का काम इस गठबंधन में राहुल गांधी को दे रखा है। दूसरी ओर प्रगतिशील गठबंधन के साझीदार ओवैसी केंद्र पर हमला बोलकर केंद्र विरोधी वोट अपने खेमे में करने में जुटे हैं । ऐसे में चिराग को लगता है कि बस स्थानीय मुद्दों को उठाकर है चुनावी सफलता पाई जा सकती है । इसके साथ साथ भाजपा के नाराज  कार्यकर्ता और संघ के कुछ वर्ग का अंदरूनी समर्थन भी कि चिराग कौ मिलता दिख रहा है । जिसके कारण ही चिराग की लौ बिहार में तेजी पकड़ रही है। हालांकि 10 नवंबर को यह लौ कहां तक पहुंचेगी यह तो समय ही बताएगा। लेकिन इस चुनाव में तेजस्वी से अधिक राजग  खासकर नीतीश कुमार का नुकसान चिराग पासवान कर रहे हैं।

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